Sunday, March 7, 2021

विधा

ज़िन्दगी तुम्हारी अलग ही विधा है.
पहले सिखाते हो निःस्वार्थ, फिर 
ज़िन्दगी भर स्वार्थी लोगों से मिलवाते रहते हो.