मैंने कहा, "ठीक हूँ"
और वो मान गया.
उसने पूछा, "इस बार मेरे जन्मदिन पर क्या देने की सोचे हो?"
मैंने कहा, "अभी तक कुछ सोचा नहीं है."
उसने कहा, "कुछ सोने का चाहिए, थोड़ा बड़ा."
....
दो मशीन साँस लेते रहे,
एक छत के नीचे.
--(Kisi aur Ka likha hua hai, pata nahi kiska)
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