एक बार ग्रेग चैपल ने भारतीय सन्स्कृति के बारे मे यह कहा था की हम मुन्डेर पर सर इसलिये नही रखते क्योंकि हमें डर है की कोई गोली ना चला दे और इसलिये हमे सर झुकाने की आदत हो गई है|
... इनटरनेट के इस युग में फेसबुक पर भी पाखंड और सदियों पुरानी सड़ी आडम्बर को ढोते कुछ युवाओं के लिखे को पढता हूँ तो यदा कदा ग्रेग की बाते याद आ जातीं हैं|
उदाहरण के लिए-हिन्दू रक्षा दल या ब्राह्मण सेना| अपनी सड़ती अंगों को न देख इससे उठती बदबू को दूसरी ओर से आता समझ दौड़ पड़ते है| जनाब हिन्दू की रक्षा इसकी सुदृढ जड़े कर लेगी आप अपना घर देखिये |
... इनटरनेट के इस युग में फेसबुक पर भी पाखंड और सदियों पुरानी सड़ी आडम्बर को ढोते कुछ युवाओं के लिखे को पढता हूँ तो यदा कदा ग्रेग की बाते याद आ जातीं हैं|
उदाहरण के लिए-हिन्दू रक्षा दल या ब्राह्मण सेना| अपनी सड़ती अंगों को न देख इससे उठती बदबू को दूसरी ओर से आता समझ दौड़ पड़ते है| जनाब हिन्दू की रक्षा इसकी सुदृढ जड़े कर लेगी आप अपना घर देखिये |
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