उस मोड़ के बाद,
पहला पड़ाव.
चलो मुड कर देखें,
थोड़ा मन मंथन करें,
थोड़ा अन्दर झाकें,
कुछ बाहर की सुधी लें |
क्या खोया क्या पाया,
किस की थी आस,
क्या मिल गया,
किसके खोने का मलाल भर गया ?
कुछ नहीं !
हर मन प्यासा मिला,
हर मन में अमृत मिला,
हर मन में विषाद मिला,
"जिन खोजा तिन पाइयां",
सच लगा-
बचपन का पढ़ा दोहा,
इस मोड़ पर अपने अर्थ से अवगत करा गया |
पहला पड़ाव,
क्या पहला क्या दूसरा,
ज़िन्दगी तो सफ़र है,
बस चलते रहना ही ज़िन्दगी है |
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